Home / ताज़ा ख़बरें / 13 साल की सरस्वती की हत्या

13 साल की सरस्वती की हत्या

मिथिला दैनिक की ये खबर है। नैंसी की हत्या पर जनमानस का आक्रोश उभरा था , सरस्वती शायद कुएं की लाश ही बनी रहेगी। लोग कभी उसे उसी तरह याद करेंगे। तेरह साल की सरस्वती बिहार के फुलपरास जिले की किसनी गाँव की बेटी थी। मामा के पास गांव सुगापट्टी में मेला देखने गयी थी। साथ सब थे। मामा मामा की बेटियां और भीड़। सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था , वहां तक सरस्वती थी। उसके बाद लापता हो गयी। सरस्वती के मामा ने थाने में रिपोर्ट लिखाई। दो दिन बाद पास के कुएं से दुर्गन्ध आई। लोग देखने गए। पुलिस को बुलाया गया और फिर बाहर निकाला गया सरस्वती की लाश। तार तार हो चुकी मानवता। गरीब दलित अमीर सवर्ण किसी का भेद नहीं कर रहे हैवान, राक्षस और जघन्य अपराधी। नाबालिग लड़की की इस हत्या से हत्याओं का सिलसिला जारी है और वो भी मिथिलांचल में। सरस्वती का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बांकी है लेकिन पूरा बिहार और मिथिलांचल शर्मसार है। आखिर कैसे थमेगा इस तरह की अमानवीय जघन्य हत्याओं का सिलसिला। कब तक नाबालिग बेटियां हत्यारों की शिकार होती रहेंगी। बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ पोस्टर तक ही सिमित है मिथिला में। क्या मिलेगा न्याय सरस्वती को ?