Home / राज्य / दिल्ली / गौरी लंकेश पर ये भी

गौरी लंकेश पर ये भी

गौरी लंकेश का उदारवादी चरित्र और उनके दो बयान
1 . केदारनाथ त्रासदी पर ” शिव से मिलने गए शिव ही में मिल गए ”
2 . केरल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या पर ” स्वच्छ केरलम।
फिर गौरी लंकेश पेट्रिक सहानुभूति के काबिल ही नहीं है। इतनी घृणा मानव से , मानव के प्रति। शर्म शर्म शर्म। फिर भी , मैं किसी हत्या का पक्षधर नहीं हूँ.
मिश्रा विजेंद्र मोहन।

Rakesh Kumar Mishra भारत तेरे टुकडे होंगे का मंत्र
जपने वाली,
हिंदुत्व को हमेशा गाली देने वाली, नक्सलियों की खुली समर्थक, भारतीय सैनिकों की हत्याओं का जश्न मनाने वाली,
खालिद महमूद जैसे गद्दारों को अपना मानस पुत्र मानने वाली,
भारत के गौरवशाली इतिहास, परंपरा एवं संस्कारों की हमेशा निंदा करने वाली, आतंकवादियों की मौत पर छाती पीट पीट कर रोने वाली,…..
केरल मे स्वंय सेवको की हत्या पर कहने वाली की – “स्वच्छ केरलम्”
…..
वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की कडी निंदा ……..!…
अब हम कहते हैं- स्वच्छ कर्नाटकम्.

आखिर गौरी लंकेश का पुरा नाम मिडिया ने क्यों छुपाया?
गौरी लंकेश का पुरा नाम गौरी लंकेश पैट्रिक है, जो एक ईसाई है। आज इसके मरने के बाद इसे कब्रिस्तान में दफनाया गया।
मिडिया ने इसका पुरा नाम इसलिए छुपाया जिससे लोगों को पता नहीं चले ये एक कट्टर ईसाई थी इसलिए हिंदुत्व का विरोध करती थी। इस विरोध के लिए इसे मिशनरीज से फंड मिलता था उसी फंड से ये पंपलेट संघ/भाजपा के विरोध में निकालती थी अपने प्रभु यीशु को खुश करने के लिए।
मिशनरीज सपोर्टेड संपूर्ण मिडिया जब एक स्वर से हुवा हुवा करना शुरू की तभी समझ में आ गया था इसका कनेक्शन पत्रकारिता से कम हिंदुत्व विरोध से ज्यादा है। और जब इसके दफनाने की खबर आई तो सब कुछ स्पष्ट हो गया.