MSU & GUNDAISM

 

मिथिला स्टूडेंट यूनियन का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जो दुखद है और अपराधिक भी। किसी भी संगठन का चरित्र में अगर हिंसा है तो वो संगठन विकास के लिए समर्पित नहीं हो सकता। भारत जैसे देश में आज़ादी से लेकर सम्पूर्ण क्रांति तक अहिंसक आंदोलन का परिणाम था ऐसे में MSU के लड़के लट्टम जुत्तम हाथापाई और गाली गलौज करते दिखाई देते हैं और उसे अपनी उपलब्धि मानते हैं तो ये शर्मनाक है और काम बुद्धि की उपज है। ऐसा माना जा सकता है कि मिथिला स्टूडेंट यूनियन की कोर कमिटी का अपने संगठन पर कमांड नहीं है या उनकी विचारधारा महज तीसरे साल में ही हिंसात्मक हो गयी है। सागर नवदिया ने जो फेसबुक लाइव पर बयान दिया वो गुंडागर्दी से ज्यादा कुछ नहीं था। मिथिला स्टूडेंट यूनियन को अपने रास्ते पर बने रहने के लिए इस कृत्य की भरपाई करनी होगी और सागर नवदिया जैसे कार्यकर्ताओं पर काबू रखना होगा। देखिये साँच को आंच क्या। डर दिखाने वाला संगठन अपराधिक लोगों का समूह होता है और कुछ नहीं चाहे कारन जो भी हो।