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पितृपक्ष में पितरों के साक्षात दर्शन

2017 का पितृ पक्ष 05 सितम्बर से 20 सितम्बर तक का है और इस बार सिर्फ 14 दिन मिलेगा देव ऋण ,ऋषि ऋण और पितृ ऋण उतरने के लिए। एक ज़रूरी बात जो जानने समझने की है कि कोई भी पितृ पक्ष में उनका भी श्राद्ध कर्म कर सकता है या करना चाहिए जो समय से पहले स्वर्गवासी हो गए चाहे वो सामान्य में हमारे कुछ भी रहे हों या हमारे दिल के वो करीब रहे हों। पवित्र मन और पूर्ण श्रद्धा से तर्पण करने पर हो सकता है पितरों से साक्षात् दर्शन। अगर ऐसा होता है तो समझ लें कि आपका शुभ दिन आ चूका है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण अनुसार मनुष्यों को अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहिए। पितृ दोष से मुक्ति पाने का सबसे सरल तरीका पितृ पक्ष में पितरों को जल अर्पण करना है। विष्णु पुराण में कहा गया है कि श्राद्ध से तृप्त होकर पितृ ऋण समस्त कामनाओं को तृप्त करते हैं। पितृ पक्ष वो समय काल है जब आप अपने सभी पूर्वजों को एवं उन सबको जो शरीर त्याग चुके हैं , उन्हें श्रंद्धाजलि अर्पित करते हैं और आत्मिक रूप से जुड़े रहते हैं। जीवन सत्य को पहचानने का पक्ष होता है पितृ पक्ष। पितृ पक्ष को नज़रअंदाज न करें , अपने बुजुर्गों से जुड़ें रहें जिससे आने वाली पीढ़ी हमसे जुडी रहे.