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बाढ़ का अपना अपना हिसाब

मिथिलांचल में आई बाढ़पता बहुत से मिथिलावासियों को भी नहीं है। वे लोग बाढ़ की खबर से अवगत हैं लेकिन वो बाढ़ बिहार में आई है। खैर उन्हें भी दुःख है कि बाढ़ से अरबों का नुकसान हुआ है और हज़ारों लोग मरे हैं। मैंने उन्हें बताया कि सिर्फ 440 लोग मरे हैं तो उनकी जान में जान आई। फिर उन सवाल ये भी था कि ये निक्कमी सरकार सिर्फ 500 करोड़ क्यों दे रही है जब कि सैकड़ों करोड़ों का नुक्सान हुआ है। चलिए उनका अपना हिसाब है। लालू की महारैली में शरद यादव नितीश के विरोध में बोलते हुए बाढ़ पर भी बोले। उनका हिसाब ये था की मनमोहन सरकार ने बिहार में बाढ़ रहत के लिए 1100 करोड़ रूपये दिए थे , मोदी ने तो सिर्फ 500 करोड़ दिए , क्यों भाई ? अब शरद बाग़ी नहीं होते तो 500 करोड़ में ही सही कुछ तो इनके हिस्से आता। लालू महारैली में नितीश पर आग अलग रहे थे , कुछ महीने पहले तक साथ थे , उससे पहले विरोधी थे , पलटबाज़ तो सारे हैं। अभी खुद के सर में आग लगी है तो चिल्ला रहे हैं। भाई बाढ़ मिथिलांचल में आई है , बिहार में नहीं , बिहार में नितीश ने लालू को धोखा दिया है और वहां महारैली आई है। सबके सब महाठग हैं , जनता को ठगने वाले हैं , जनता के वोट से ताकतवर बन कर मनमानी करने वाले हैं। और लालू तो भाई सज़ायाफ्ता हैं , चुनाव भी नहीं लड़ सकते , देश का भला करेंगे उसी तरह जैसे पहले करते आये हैं। सबका अपना अपना हिसाब है भाई।